राजनीति और गिरोह

2014 से पहले इस देश नामक बस की ड्राइविंग सीट पर कांग्रेस बैठी थी..उस बस की फ्रंट सीटों पर कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर लोग कब्ज़ा जमाये थे और आम जनता पीछे की सीटों पर थी. अब कांग्रेस ने जैसीे ड्राइविंग की हम सब जानते हैं..लेकिन बस का माहौल उस गिरोह ने ऐसा बना दिया कि आम सवारियों को अगर धच्चियाँ भी लगे तो आगे कि सीटों पर बैठा कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर गठजोड़ जनता की तरफ मुंह करके बताने लगे कि रास्ता ही खराब है...ऊबड़ खाबड़ है...पत्थर आ गया..गड्ढे आ गए..पेड़ टूट कर गिर गया..और पीछे सीट पर बैठे आदमी सोचें कि ये भद्र जन सही ही कह रे होंगे..ये आगे बैठे हैं इन्हे सब दिख ही रहा होगा...ऐसा चलता रहा..जनता धच्चियाँ खाती रही लेकिन कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर गठजोड़ पर भरोसा भी करती रही कि ये सफर में असुविधा खराब ड्राइविंग की वजह से नहीं बल्कि अन्य कारणों से है.
लेकिन जब लगातार ऐसी ही असुविधाओं से जनता का बस में बैठना भी मुश्किल हो गया तो जनता के बीच में से एक आदमी आया और उसने कहा उसको भी ड्राइविंग का 15 साल का अनुभव है..अगर जनता चाहे तो वो इस बस को गंतव्य तक पहुंचा जा सकता है. कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर गठजोड़ ने उस आदमी का पहले मजाक उड़ाया..फिर उसे कोसा और डपट कर बैठ जाने को कहा...अब तक जनता भी आजिज आ चुकी थी तो उन्होंने कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर को इग्नोर कर उस आदमी को ड्राइविंग सीट पर बैठा दिया और पुराना ड्राइवर आगे बैठे लोगों में बैठ गया.
वो युवक बड़ी दक्षता से उस बस को चलाने लगा और जनता को फर्क साफ़ महसूस होने लगा. जनता के चेहरे पे आते संतोष के भावों से कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर गठजोड़ के पेट में मरोड़ें उठनी शुरू हुईं और उन्होंने नौटंकी चालु कर दी. अब जैसे ही वो युवक गाडी को किसी भी मोड़ पर ज्यों ही मोड़े आगे बैठा गिरोह त्यों ही इधर उधर गिर के "हाय रे मर गए" "हाय रे मार डाला" "हाय रे नहीं बचेंगे" चिल्लाने लगें..पीछे बैठे लोग सोचें यार अब धच्चियाँ भी कम लग रही हैं लेकिन ये आगे बैठे लोगों को क्या हुआ..ड्राइवर जैसे ही ब्रेक मारे ये गिरोह मजाक उड़ाने लगे कि देखो क्या नौसखिया ड्राइवर है गाडी की गति ही धीमी कर दी..और जब वो हाईवे पे तेज चलाये तो छाती पीट पीट रोना शुरू कर दें कि कितना असहिष्णु ड्राइवर है.
देश का मौजूदा हाल यही है...जनता को लग रहा है कि नया ड्राइवर सही ढंग से गाडी चला रहा है और उनको लक्ष्य तक पहुंचा देगा..लेकिन जो हाय रे मर गए वाला कांग्रेसी पोषित मीडिया/ऐंकर/लिबरल/सिकुलर आगे बैठा हुआ है वो सही सही पिक्चर पीछे जनता तक नहीं आने दे रहा..कुछ हैं जो आगे जाके टोह ले आते हैं और फिर इत्मीनान से ड्राइवर पर भरोसा करके बैठ गए हैं..कुछ क्रन्तिकारी उस गिरोह ने ही आम जनता के बीच में बिठा दिए हैं ताकि जब गिरोह रोये तो ये क्रन्तिकारी भी साथ में रोने लगें और भ्रम की स्थिति बरकरार रखी जा सके 😉

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