Knowledge is limitless.. Knowledge is invincible..

Translate

Youtube Subscription

Youtube Subscription
Subscribe GyanVani on Youtube

Email Subscription

Quote

Quartered into snow; silent to remain,
When the bugle calls; They shall rise and march again.

Friday, 23 December 2016

"Taimur Ali Khan" नाम केवल नाम नहीं होते, नामों में बहुत कुछ रखा होता है

कुछ लोग करीना कपूर और सैफ अली खान के नवजात बेटे का नाम तैमूर अली खान रखने पर उनका बचाव करते नजर आते हैं कि नाम में क्या रखा है? ये उनका निजी मामला है?

आपको याद दिला दें कि साल 2008-09 में "गजिनी" और "थ्री इडियट्स" जैसी फ़िल्मों से अधिकृत रूप से शाहरुख़ ख़ान के सुपरस्टारडम को ओवरटेक करने के दौरान जब आमिर ख़ान को वास्तविक "किंग ख़ान" कहा जाने लगा था, तब आमिर ने एक चर्चित ब्लॉग लिखा था, जिसमें सभी को चौंकाते हुए उन्होंने कहा था कि उनके पालतू कुत्ते का नाम "शाहरुख़" है!
Read More

किसको क्रेडिट दें ब्रेग्जिट को या भारत की आर्थिक नीति को जिसने भारत की अर्थव्यवस्था को ब्रिटेन से आगे कर दिया ।


150 साल बाद ऐसा हुआ है कि भारत की अर्थव्यवस्था ने ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पीछे छोड़ा है ।
भारत विश्व का दूसरी सबसे बड़ी जनसँख्या वाला देश है परन्तु टैक्स सिर्फ तीन प्रतिशत लोग ही देते हैं
उसके बाद भी जिस तेजी से भारत की जी डी पी बढ़ रही है वो अपने आप में एक मिसाल है
फरवरी 2016 में ही भारत ने चीन को पीछे छोड़ा था.......अब ब्रिटेन को
जीडीपी के आधार पर विश्व का छठा सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला देश बन गया है
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष का अनुमान भी है कि 2017 में भारत की जीडीपी 7.6 प्रतिशत तक हो जाएगी
पर सरकार का निश्चय इसे डबल डिजिट में पहुँचाने का है ।
मनमोहन सिंह तो बोल गए कि जीडीपी दो प्रतिशत कम हो जाएगी पर उनकी सुनता कौन है इसलिए जीडीपी कुछ समय के लिए आधा से पौन प्रतिशत तक डाउन होगा
फिर भी मुद्रास्फीति को कम रखने और ग्लोबल कमोडिटीज की कीमत में मंदी ने भारत की राह आसान कर दी है
मोदी सरकार ने आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने के लिए व्यापक बाजार सुधारों को प्रेरित किया
उधर ब्रिटेन ब्रेग्जिट से निकल गया और उसकी इकॉनोमी एवं करेंसी दोनों संकट से जूझने लगे
आने वाले सालों में फ्राँस और जर्मनी को भी भारत पीछे छोड़ ही देगा बस एक बार और मोदी जी की सरकार बन जाए
काँग्रेस तो चाय भी उधार का पीती है......उससे क्या उम्मीद करना .........मुम्बई में काँग्रेस मुख्यालय के पीछे एक चायवाला है बेचारे को मोदी की बिरादरी का समझ कर दो लाख की चाय पी गए पर पैसे नहीं दिए ।
ऐसे लोग विदेशों से कर्ज ही लेंगे देश को मजबूत तो नहीं ही बनाएंगे
वेंकैया नायडू ने भी आज बोल दिया है 2017 का कैलेंडर जारी करके " मेरा देश बदल रहा है,आगे बढ़ रहा है "
बात तो सही है बढा नहीं तो ब्रिटेन को पीछे छोड़ा कैसे ??


By : Ajita Anuja

Read More

Wednesday, 7 December 2016

क्या मोदी सरकार की नोटबंदी विफल रही?

14 लाख करोड़ के नकदी अर्थव्यवस्था में 11 लाख करोड़ बैंक खातों में आ चुके हैं, अनुमान है कि आगे भी और आ जाएंगे| तो इससे क्या निष्कर्ष निकालें- नोट बंदी विफल रहा ?
22 करोड़ अकेले जनधन अकाउंट हैं, 2.5 लाख के हिसाब से अकेला यही 55 लाख करोड़ खपाने में सक्षम हैं, यानि 14 लाख करोड़ का भी 4 गुना , उसमें महिलाओं का बैंक अकाउंट अलग है| यानि ऐसे देश में जहाँ हर घर में भगत सिंह जन्मे लेकिन मेरा घर छोड़ के टाइप वाला देशप्रेम हो ,तो यहाँ ऐसा होना एबनॉर्मल नहीं है|


RBI के observe, orient, decide, and act (OODA) की नीति से स्पष्ट हो चुका है कि असल प्लानिंग तो अब शुरू हुई है| उसके पहले कि सबसे बड़ी प्लानिंग यही दिखाई पड़ती है कि कोई प्लानिंग नहीं !
पहले भले असंभव रहा हो लेकिन अब के आकड़े ये बता सकते हैं कि कितना नोट छापना है, कितना कैशलेश होना है| जैसे रोज रोज नए नियम आ रहे हैं, कल RBI गाइडलाइन जारी कर डालेगी कि बस इससे ज्यादा नोट मार्केट में नहीं आने हैं , बाकी के जमा राशि का इस्तेमाल केवल और केवल प्लास्टिक मनी या चेक आदि के द्वारा ही संभव है तोदूसरे के अकाउंट का इस्तेमाल करके काले को सफ़ेद करने के अरमानों पे फिर पानी फिर जाएगा|
जनधन वालों कि धन निकासी की सीमा 10 हजार प्रतिमाह कर दी गयी, 2 साल लगेंगे 2.5 लाख निकालने में| जनधन अकाउंट के माध्यम से काले को सफ़ेद करने वालों के अरमानों पे पानी फिर चुका है| अब उन्हे बड़ा धैर्य रखना होगा और अब तो मुखबिरी द्वारा उनके पकड़े जाने की संभावना भी बहुत बढ़ गयी है और पकड़े जा रहे हैं|
तीसरी बात ,अब देखना ये है कि 30 दिसंबर तक अकाउंट में कुल कितना जमा होता है| लग तो ऐसा ही रहा है कि 14 लाख करोड़ से भी ज्यादा जमा हो जाएंगे यानि जाली नोटों की अर्थव्यवस्था का प्रभाव भी साक्षात दिख सकता है , ये पुनः RBI को दूसरे कड़े कदम उठाने के लिए आधार प्रदान करेगा|
चौथी बात कि नोट बंदी के बाद सरकार को ये पता चल चुका है कि देश में वास्तव में कितने अमीर, कितने मध्यम और कितने गरीब हैं| टैक्स बेस बढ़ाने में ये मिल का पत्थर साबित होगी| GST आने वाला है| 124 करोड़ के देश में एक झटके में टैक्स बेस को इतने कम समय में इस स्तर तक ले जाने में ये बड़ी सफलता होगी|
और आखिरी सबसे बड़ी बात कि जब तक ये सारे नोट बैंकों में हैं ,तब तक उसपर RBI का पूर्ण नियंत्रण है और ये भी निश्चित है कि कोई कितनी भी चालाकी लगा ले ,RBI और इन्कम टैक्स विभाग कालधन वसूल कर लेगी, चाहे जैसे ....चाहे न बदले जा सकने वाले नोटो के फॉर्म में या फिर अतिरिक्त कर और पेनाल्टी के फॉर्म मे| आप डाल डाल चलोगे , वो पात पात चलेंगे, आप हथकंडे बदलोगे , वो नियम बदलेंगे| और वही चल रहा है|
कुछ भी हो जाये, जहाँ 87% करेंसी को demonetise किया गया हो, वो भी डिजिटाईजेशन के युग में ,तो विफलता का कोई कारण नहीं दीखता, सफलता निश्चित है।

मूल लेखक :  Ashwini Kumar Verma

डिस्क्लेमर (अस्वीकरण) : इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार हैं. इस आलेख में दी गई किसी भी सूचना की सटीकता, संपूर्णता, व्यावहारिकता अथवा सच्चाई के प्रति ज्ञानवाणी (www.gyanvani.in) उत्तरदायी नहीं है. इस आलेख में सभी सूचनाएं ज्यों की त्यों प्रस्तुत की गई हैं. इस आलेख में दी गई कोई भी सूचना अथवा तथ्य अथवा व्यक्त किए गए विचार के लिए ज्ञानवाणी किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है.
Read More

Tuesday, 6 December 2016

जाली नोटों के सबसे बड़े कारोबारी जावेद खनानी ने की सुसाइड

पाकिस्तान में छपने वाले भारतीय जाली नोटों की सप्लाई करने वाले सरगना जावेद खनानी ने कराची के साइना टावर से कूद के आत्महत्या कर लिया।
Read More
Powered by Blogger.